श्रीमद् भगवद्गीता भगवद्गीता मानव जाति का एक वास्तविक और सच्चा शास्त्र है; हर सभ्यता, हर उम्र के लिए एक नया अर्थ, एक नया सन्देश देने वाली रचना है, एक जीवन्त परम्परा है। — श्री अरबिन्दो भगवद्गीता का ज्ञान मनुष्य-जीवन के सभी लक्ष्यों को पूरा करता है। गीता वैदिक शिक्षा का सार तत्त्व है। — आदि शंकराचार्य निस्वार्थ कर्त्तव्य-पालन ही कर्म-योग का रहस्य है — यही भगवद्गीता में श्रीकृष्ण का सन्देश है। — स्वामी विवेकानंद भगवदगीता ज्ञान का महाभोज है; ज्ञान का अमृत है। यह कोई धार्मिक अथवा सांप्रदायिक दृष्टिकोण प्रस्तावित नहीं करता, केवल शुद्ध नैतिकता सिखाता है। — महात्मा गांधी मानव-जीवन का आध्यात्मिक आधार ही गीता का विषय-वस्तु है। जीवन के दायित्वों और कर्त्तव्यों को पूरा करने के लिये यह एक अनुस्मारक है। — जवाहर लाल नेहरू भगवद्गीता मानव जाति के जीवन-मूल्यों और आध्यात्मिक विकास का सबसे स्पष्ट और व्यापक सारांश है। — अल्डोयस हक्सले